Skip to main content

भूख बढाने के घरेलु उपाय

                                 



भूख बढाने के  उपाए

आजकल कि भाग दौड़ की और तनाव भरी   ज़िन्दगी में कम भूख का लगना एक आम बात सी हो गयी है | पर से आम से लगने वाली समस्या एक गंभीर समस्या है , क्यूंकि कम भूख लगने का मतलब है की शरीर  के अन्दर पोषक तत्व की कमी होने लगती है और शरीर के अन्दर कमजोरी और दुर्बलता आने लगती है | हर उम्र का मनुष्य इस समस्या से पीड़ित है | 

आइये पड़ते है कुछ घरेलु उपाय जिनके प्रयोग से भूख को बढाया जा सकता है |

आखिर कम भूख लगने की वजह क्या क्या है ?
1 खानपान का ध्यान न देना
२ पाचन तन्त्र  का ठीक ढंग से काम न करना
३ शारीरिक मेहनत कम करना 
४ पेट की कोई बीमारी जैसे गैस , कब्ज , अपाचन  आदि का होना
५ धुम्रपान , तम्बाकू या शराब का सेवन करना , व्यसनों क सेवन से पाचन सकती क खराब होने से लेकर गंभीर बीमारियों क होने का खतरा होता है |

भूख बढ़ाने के घरेलु नुस्खे और उपाय :-

१ एक दिन में हमें लगभग 3 से 4 लिटर पानी पीना चाहिए। तांबे के बर्तन में पानी भरकर रात भर रखे और सुबह उठते ही खाली पेट पिये इससे पेट की बीमारियों में भी लाभ मिलता है।

ग्रीन टी - कई रिसर्च हुई है जिसमे ग्रीन टी को पाचन तन्त्र के लिए अच्छा पाया गया है | तो दिन में दो बार ही चाय का सेवन करना चाहिए और वो भी ग्रीन टी का सेवन करेंगे तो लाभकारी होगा |

अदरक - अदरक का प्रयोग इस समस्या से  छुटकारा दिलाने में बहुत ही बेहतरीन  है। भोजन करने से  पहले नमक के साथ अदरक खाने से ये समस्या दूर होने लगती है।

अजवाइन - अजवाइन को पेट संबंदी समस्याओ में आयुर्वेद बहुत अधिक महत्व देता है| 7 दिनों में से २ या ३ दिनों में  खाने से लगभग 60 मिनट पहले थोड़ी सी अजवाइन  का सेवन करे|

लस्सी (छाछ)- सफेद नमक, थोड़ा काला नमक और जीरा पाउडर लस्सी (छाछ) में घोल कर प्रतिदिन सेवन करना भी भूख लगने का उपाय है।

२ -३  लोंग के दाने  , अच्छी तरह से पकी हुई इमली का गुदा ,दालचीनी और काली मिर्च को मिलाये, फिर 1 गिलास पानी को उबाल कर उसमे ये मिश्रण मिला ले और इसका सेवन करे।

तली हुई चीजो ,फास्ट फ़ूड व् हानिकारक पेय प्रदार्थो के सेवन से बचे ।

 

विशेष ध्यान देने योग्य बाते -

अगर आप ऊपर दिए हुए उपायों क साथ साथ इन बातो पर भी ध्यान देंगे तो कम भूख की दिक्कत से कुछ ही दिनों में निजात पा लेंगे |

- कोसिस इस बात की होनी चाहिए क हम प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा मोर्निंग वाक पर जाए | या किसी भी तरह क खेल कूद में रूचि ले |

इन सब चीजों ने पाचन तन्त्र क साथ साथ शरीर में हर तरीके से अच्छे बदलाव आते है |

 


Comments

Popular posts from this blog

Health benefits of Indian gooseberry or Amla

Health benefits of Indian gooseberry or Amla Indian gooseberry or Amla even though it is extremely sour in taste is regarded as the messiha for people suffering from vision problems, skin problems, and hair fall problems etc. Amla is one of the favourite medicine in Ayurveda for skin complaints and hair falls related problems. Indian gooseberry or Amla contains good amount  of powerful antioxidants which play a very vital role in boosting immunity and improving general  health of public. What's so special about Amla? Apart from containing good amount of Vitamin C and vitamin A,  Indian gooseberry or Amla  is also a good source of folic acid, calcium, iron , phosphorus ,carotene etc. Fitness experts also like this fruit as it contains low amount of calories for example if you take 100 grams of Amla will find only 44 calories in it . 1. Good for immunity - Indian gooseberries are natures very own medicine for humans. Vitamin such as C and A along wit...

kidney stones से बचाव क आयुर्वेदिक और घरेलु उपाय

पथरी का इलाज़ गुर्दे की पथरी का प्रमुख कारण शरीर में पानी की कमी होना होता है । गुर्दे में पथरी अधिकतर उन लोगो में पाई जाती है जो दिन में 8 - 10 गिलास से कम पानी पीते है |जब शरीर में पानी uric acid को घोलने के हिसाब से कम मात्रा में होता है तो मूत्र अधिक acidic हो जाता है | और मूत्र का acidic होना kidney में पथरी बनने के लिए बहुत ज़िम्मेदार होता है | इसीलिए कहा जाता है क 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए जिससे मूत्र acidic न बने | अक्सर इन पथरियो को ऑपरेशन से बाहर निकाला जाता है और इस बात की कोई guarranty  नहीं है के य फिर दोबारा नहीं होंगी , इसीलिए हम आपके सामने कुछ ऐसे सरल आयुर्वेदिक  उपाए लाये है , जिनसे पथरी बिना ऑपरेशन के ही बाहर आ जाएगी |   पथरी के लक्षण - पथरी का दर्द अधिकाश तभी होता है जब पथरी ureter में आती है , इसके अलावा बाकी के लक्षणों में प्रमुख है - 1. - कमर के side (loin ) में दर्द का होना   2. - पेशाब में खून का आना  3. - मूत्र की मात्रा में कमी आना  4. - जी मचलाना ,उलटी होना  5 बार बार मूत्र त्यागने की ...

Introduction of Events in the Olympics

Introduction of Events in the Olympics Events Year Archery 1900 at Paris (but not held from 1924-1968) Athletics 1896 at Athens Badminton 1992 at Barcelona Basketball 1904 and 1928 - a demostration event 1936 at Berlin as a medal event Boxing 1904 at St Louis Canoeing 1936 at Berlin (for men) 1948 at London (for women) Cycling 1896 at Athens (but not held in 1904) Equestrian 1900 at Paris (but not held in 1904 and 1908) Fencing 1896 at Athens (for men) 1924 at Paris (for women) Football 1900 at Paris (but not held in 1932) Gymnastics 1896 at Athens Handball 1936 at Berlin as outdoor handball 1952 at Helsinki as demostration games 1972 at Munich as a medal event Hockey 1908 at London (but not held in 1912 and 1924) for men 1980 at Moscow for women Judo 1964 at Tokyo (but not held in 1968) Modern Pentathlon 1912 at Stockholm as individual competition 1952 at H...